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Sunday, March 13, 2022

सीधी जिले में गोंड समाज महासभा के कार्यों का हो रहा असर......

 


सीधी जिले में गोंड समाज महासभा के कार्यों का हो रहा असर......

                   गोंड समाज महासभा जिला सीधी मध्य प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों को सूचित किया जाता है कि आप सब सतर्क हो जाएं ।

   आप के सीधी जिले में गोंड समाज महा सभा का कार्यक्रम विस्तारित हो रहा है । कार्यकर्ता चाहे वरिष्ठ हों  या कनिष्ठ  । सबकी जिम्मेदारी बनती है कि नए लोगों को कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को  सदस्यता दिलवाकर प्रशिक्षित करके समाज में काम करने का अवसर प्रदान किया जा सके । गोंड समाज का पुनर्निर्माण  समर्थ बड़ा देव की कृपा से प्रारंभ हो गया है  । गोंड समाज का सर्वांगीण विकास  एम बी बी एस पैटर्न पर संचालित धर्मार्थ आन्दोलन के तहत:गोंड वाना दरबार; का कमाल है कि  गोंड समाज में व्याप्त सारा फालतू बवाल खतम हो रहा है और आपसी तालमेल व सहमति से सामाजिक जागरूकता अभियान में शामिल हो कर सामाजिक काम करने का विचार बना रहे हैं । हर गांव में ज्ञान और संस्कृति का केंद्र बड़ा देव पेन ठाना स्थापित किया जा रहा है ।

 

गोंड समाज के सभी नात भाई बहिन  समर्थ बड़ा देव के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित हो कर अपनी भूली बिसरी गलतियों को याद करके अपने घर परिवार व समाज के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं ।  भाई बहन , भाई भाई , अड़ोसी पड़ोसी  प्रेम से बोलना शुरू कर दिए हैं । आपसी तालमेल बन रहे हैं । हम चाहते हैं आप भी अपने अपने गांव में ज्ञान और संस्कृति का केंद्र बड़ा देव पेन ठाना स्थापित करने का विचार बनाएं और गोंड समाज के लोगों को गोंडी यन विचार धारा से जोड़ने का प्रयास करें । विश्वास करें यह परमार्थ काम है । हम आप जिस पद पोस्ट पर पदासीन हो कर  काम कर रहे हैं और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, वह कुछ दिन के लिए है ।  सेवा निवृत होने के बाद यही समाज काम देगा । इसी समाज का धर्म, संस्कृति , संस्कार, रीति रिवाज और रूढ़ि वादी परम्परा काम देगा । जो लोग गोंडीयन विचार धारा से भटक गए हैं , उन्हें हर हाल में उनके मूल पथ गोंडी यन विचार धारा में लाने के लिए प्रयास किया जाय अन्यथा समय रहते सुझाव नहीं दिया गया तो न जाने कहां भटक जाएंगे ।

    इसलिए  मेरा सबसे विनम्र निवेदन है कि जीवन उपयोगी समस्त कार्यों को करते हुए समाज के लिए दो घंटे रोज अनिवार्य रूप से  निकाल कर  जन जागरण अभियान में शामिल हो कर   समाज में काम करने का विचार बनाएं । 

 

        मार्च माह में बड़ा देव स्थापना निम्न लिखित ग्रामों में किया चिन्हित किया गया है

१: दिनांक  १५/०३/२०२२ को ग्राम जूरी कुस मी जिला सीधी मध्य प्रदेश में

 (२)दिनांक २०/०३/२०२२ को ठोंगा  मझौली जिला सीधी मध्य प्रदेश में

( ३ ) दिनांक २७/०३/२०२२ को ग्राम पोस्ट बरका जिला सिंगरौली मध्य प्रदेश    मेरी सपना, पहचानों अपना

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अब हमें अपनी बांसूरी खुद बजाना चाहिए।

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1-आदिवासी समाज के सभी संगठन के सभी महानुभाव मित्रों से अपील है कि चलिए हम भी अपने "ठाकुर देव "  एवं "धरती दाई, खेर दाई" के मूर्त रूप को कल्पना करें।

2- सबसे पहले इन देव स्थानों की  साफ सफाई, समतलीकरण ,बाउंडरी बाल एवं रकवा 0.202 हेक्टेयर जमीन की रिकार्ड दुरूस्त करायें।

3-  इसके बाद ग्राम पंचायत के ग्राम सभा में "ग्राम सुधार , "उप ग्राम सुधार" के नाम पर 10-10 लाख की एक एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजें  । जिसमें  समतली करण एवं बाउंडरी बाल सहित एक" देवभवन "का निर्माण हो । जिसके चारों ओर गैलरी हो जहाँ लोग बैठकर "देव भजन" कर सकें। इसके शेष भाग में संघन वृक्षा रोपण हो। एक सुंदर बागवानी हो। शैक्षणिक प्रोजेक्टर हो।

🇳🇪 🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪मेरी कल्पना, आपकी सपना ,आदिवासियों की हो अपना ,पराये देव क्यों जपना।पहचानों अपना।।

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4- ठाकुर देव - "देव भवन" के अंदर, सफेद घोडे़ में  बैठे एक काला गठीला ,हटटा कटटा सिर में बडी़ पगडी़ बांधे ,एक हाथ में बडा़ भारी लठधारी , दूसरे हाथ घोडे़ लगाम पकड़े भारी भरकम ,आभामंडल से युक्त पुरूष (नर) मूर्ति का निर्माण करना, होनी चाहिए।

5- धरती दाई या खेर दाई - "देव भवन"  के अंदर ,एक सफेद बाघ में बैठी काली देह धारी विचित्र आभामंडल से युक्त, हरी ब्लाउज़ एवं तारे चमकते हरी साडी़ पहनी हुई एक महिला (नारी) की मूर्ति का निर्माण करना, होनी चाहिए।

ये सब होने से ग्राम के लोगों की समस्याओं के निराकरण हेतु बैठक के लिए आकर्षण का केंद्र साबित होंगे। अमावस्या एवं पूर्णिमा में सम्मेलन अनिवार्यता होवे। इसके अंदर नशीली पदार्थों का सेवन करना सक्त मना रहे। कुछ दिनों बाद ये दोनों मूर्तियों का चित्र आपके सामने होगा। कुछ हमारे साथी मूर्ति पूजा का विरोध तो करते हैं परंतु मैं उनसे निवेदन करता हूँ कि बिना नशामुक्त हुए व्यक्ति या समाज का उत्थान नही हो सकता है। जिसका विरोध और त्याग कोई नही करता है। जन्म से नशा करने वाले बच्चों का जिंदगी आपके सामने नर्क समान है। इसी प्रकार से बिना दिवाल या आधार के चित्र भी नही बनाया जा सकता है।

समझ में आए तो कुछ कमेंट करें।

बाकि मै तो एक छोटा सा कवि याचक हूँ।

मेरा असली चेहरा, सबके समझ और सामने से परे । आगे पढ़े

लोक परलोक मैं गया, सूनशान है सब ठौर।

पुन्यकर्म से धर्म बनता, इंसान पर करों गौर।।

करण देव सिहं लिंगोगढ़

ब्लाक अध्यक्ष

गोंड समाज महासभा पुष्पराजगढ अनूपपुर मध्यप्रदेश।

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