ग्राम सभा के कर्तव्य, शक्तियां और जिम्मेदारियां Duties, Powers and Responsibilities of Gram Sabha - jagoindiatv, Taja khabar, Latest News,today 2022

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Friday, December 3, 2021

ग्राम सभा के कर्तव्य, शक्तियां और जिम्मेदारियां Duties, Powers and Responsibilities of Gram Sabha

 


ग्राम सभा के कर्तव्य, शक्तियां और जिम्मेदारियां Duties, Powers and Responsibilities of Gram Sabha

 

1)      ग्राम सभा के निम्नलिखित महत्वपूर्ण और विशिष्ट कार्य हैं:

2)      ग्राम सभा में सरपंच की भूमिका

3)      ग्राम सभा के लिए व्यवस्थाएं

4)      ग्राम सभा बैठक से पहले के कर्तव्य

5)      ग्राम सभा बैठकों के दौरान के कर्तव्य

6)      ग्राम सभा बैठकों के बाद के कर्तव्य

 

संविधान के अनुसार ग्राम सभा के पास वे शक्तियां होंगी और ऐसे कार्यों के संपादन का दायित्व होगा जो राज्य की विधायिका द्वारा, विधिसम्मत तरीके से उसे प्रदान किए जाएंगे। उदाहरण के लिए, ग्राम स्तर पर (ग्राम स्तर के पंचायत को ग्राम पंचायत कहते हैं) पंचायत द्वारा क्रियान्वित किए जाने से पहले सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं को उनके द्वारा स्वीकृति दी जाती है। गरीबी उन्मूलन तथा अन्य कार्यक्रमों के तहत लाभार्थी के रूप में व्यक्तियों के चयन या चिह्नित करने का दायित्व भी इसके पास होता है। ग्राम स्तर पर हर पंचायत के लिए ग्राम सभा से कोष का उपयोग करने हेतु एक प्रमाणपत्र पाना जरूरी होता है जिसके द्वारा ऐसी योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का पंचायत द्वारा क्रियान्वयन किया जाता है।

 

ग्राम सभा के निम्नलिखित महत्वपूर्ण और विशिष्ट कार्य हैं: Following are the important and specific functions of Gram Sabha:

 

    पंचायत के विकास कार्यक्रमों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद करना।

    विभिन्न कार्यक्रमों तथा योजनाओं के लिए लाभार्थी व्यक्तियों की पहचान करना। हालांकि, यदि ग्राम सभा एक बड़े समय तक ऐसे लाभार्थियों की पहचान करने में विफल रहती है तो लाभार्थियों की पहचान ग्राम पंचायत द्वारा कर ली जाती है।

    सामुदायिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए लोगों से नकद या स्वैच्छिक श्रम के रूप में अथवा दोनों रूपों में सहायता करना।

    जन, शिक्षा और परिवार कल्याण के कार्यक्रमों में सहायता करना।

    गांव में सभी समाज के सभी वर्गों के बीच एकता और सद्भाव बढ़ाना।

    किसी भी कार्य विशेष, योजना, आय तथा व्यय के बारे में मुखिया, उप-मुखिया और ग्राम

 

 

 

पंचायत के अन्य सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगना। Seeking clarifications from other members of the Panchayat.

    निगरानी समिति की रिपोर्ट के संदर्भ में उचित कार्यवाही की चर्चा और अनुशंसा करना।

    ग्राम सभा के संज्ञान में लाए गए अन्य विषय।

    करों, दरों, किराया तथा शुल्क लगाने और उनमें ईजाफा करने पर विचार करना।

    ग्राम पंचायत द्वारा इसके निर्णय के लिए भेजे जाने वाले सभी मामलों पर विचार करना।

 

ग्राम सभा में सरपंच की भूमिका Role of Sarpanch in Gram Sabha

 

कानूनन रूप से सरपंच ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने के लिए बाध्य है। सरकार द्वारा अनुशंसित तारीखों पर हर साल ग्राम सभा के कम से कम दो बैठकें आयोजित करना सरपंच का अनिवार्य दायित्व है। सामाजिक लेखा परीक्षा ग्राम सभा के अतिरिक्त सरपंच को ग्राम सभा की बैठकों की अध्यक्षता करनी चाहिए। ग्राम सभा की बैठकों की कार्यवाही का विवरण दर्ज करने वाले रजिस्टर में सरपंच को हस्ताक्षर करना चाहिए। ग्राम सभा के बैठकों के अध्यक्ष की हैसियत से सरपंच द्वारा ग्राम सभा में सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया जा सकता है। सरपंच को यह सुनिश्चित करना होता है कि ग्राम सभा की बैठकों में दिए गए सुझावों पर ग्राम पंचायत की बैठकों में प्राथमिकता के रूप में चर्चा की जाए। ग्राम सभा के प्रस्तावों पर समुचित कार्यवाही करने के लिए सरपंच द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई जानी चाहिए । ग्राम सभा की बैठकों में लोगों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरपंच को उपाय करने चाहिए । सरपंच को सभी वर्गों के लोगों खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों, महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु सभी उपाय करने चाहिए और साथ ही सरपंच द्वारा उन्हें अपनी शिकायतों को व्यक्त करने और ग्राम सभा में सुझाव देने, जिस पर अगली बैठक में विस्तार से चर्चा की जाए, के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 

ग्राम सभा के लिए व्यवस्थाएं Arrangements for Gram Sabha

 

ग्राम सभा में पंचायत सचिव की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है। पंचायत सचिव की भूमिकाओं को मोटे तौर पर तीन वर्गों में बांटा जा सकता है: (1) ग्राम सभा बैठक से पहले, (2) ग्राम सभा बैठक के दौरान, और (3) ग्राम सभा बैठक के बाद।

ग्राम सभा बैठक से पहले के कर्तव्य

 

ग्राम सभा बैठक से पहले पंचायत सचिव के कर्तव्य हैं: The duties of the Panchayat Secretary before the Gram Sabha meeting are:

 

1)      सरपंच के परामर्श से ग्राम सभा के एजेंडे को अंतिम रूप देना।

2)      ग्राम सभा की बैठक की सूचना जारी करना।

3)      ग्राम सभा बैठकों के विवरण, जैसे कि तारीख, समय और स्थल का व्यापक विज्ञापन देना।

4)      ग्राम सभा की पिछली बैठक के प्रस्तावों पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तैयार करना।

5)      ग्राम सभा की मौजूदा बैठक से पहले एजेंडे की मदों पर नोट्स तैयार करना।

6)      ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं का उचित प्रबंधन करना ।

 

ग्राम सभा बैठकों के दौरान के कर्तव्य Duties during Gram Sabha meetings

 

ग्राम सभा बैठकों के दौरान पंचायत सचिव के कर्तव्यों में शामिल हैं:

 

v  ग्राम सभा की बैठक में भाग लेने वाले सदस्यों के विवरणों की रिकॉर्डिंग:

v  ग्राम सभा की पिछली बैठक के प्रस्तावों पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट पेश करना।

v  एजेंडे के मुताबिक ग्राम सभा की बैठक का आयोजन सुनिश्चित करना।

v  ग्राम सभा की बैठकों की कार्यवाही का विवरण दर्ज करने में सरपंच की सहायता करना।

v  ग्राम सभा के समक्ष लाए गए किसी भी प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में डाले गए वोटों को दर्ज करना।

 

ग्राम सभा बैठकों के बाद के कर्तव्य Duties after Gram Sabha meetings

 

इनमें शामिल है- गाम पंचायत की बैठकों में ग्राम सभा के प्रस्तावों पर विचार के लिए सरपंच तथा वार्ड सदस्यों के साथ समन्वयन। ग्राम सभा की बैठक पर संबंधित उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजना ।

 

ग्राम सभा कैसे आयोजित होती है How Gram Sabha is organized

 

1.      औपचारिक अधिसूचना

2.      सभी वर्गों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना

3.      ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी

4.      ग्राम सभा के लिए आवश्यक कोरम

5.      ग्राम सभा में चर्चा किए जाने वाले विषय

 

ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी सदस्यों को औपचारिक और अनिवार्य रूप से समय पर सूचित किया जाना चाहिए। हालांकि, हम अनुभव से यह जानते हैं कि केवल सूचना दे देने से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो जाती। उनकी भागीदारी सरपंच/अध्यक्ष की नेतृत्व क्षमता; उनके काम करने के तरीके और लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता पर निर्भर करती है। यदि सरपंच/अध्यक्ष मिलनसार स्वभाव के हैं तो वह जानते हैं कि अधिकारियों तथा लोगों के साथ कैसे घुलामिला जाए और यदि उनके काम करने का तरीका सहभागितापूर्ण और पारदर्शी होता है, तो कोई कारण नहीं कि लोग ग्राम सभा की बैठकों में न शामिल हों।

औपचारिक अधिसूचना formal notification

 

    ग्राम सभा के आयोजन से पहले सूचना जारी करना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसका व्यापक प्रचार करना जरूरी होता है।

    इसी तरह, ग्राम सभा के सभी मतदाताओं को निर्धारित तिथि से कम से कम एक सप्ताह पहले सूचित करना जरूरी होता है। सूचना में ग्राम सभा की तिथि, समय, स्थल और एजेंडे का उल्लेख अनिवार्य रूप से होना चाहिए। ग्राम सभा की सूचना ढोल बजाकर और पंचायत भवन, स्कूलों तथा स्थानीय बाजार में नोटिस चिपकाकर भी दी जा सकती है।

    ग्राम सभा का एजेंडा सरल भाषा में साफ-साफ लिखा होना चाहिए ताकि लोग उसे आसानी से समझ सकें।

 

सभी वर्गों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना Ensuring participation of people from all sections

 

ग्राम विकास की योजना तैयार करते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग तथा समाज के अन्य कमजोर तबकों के लोगों के उत्थान पर बल दिया जाना चाहिए। ग्राम सभा की बैठकों में हमें उनकी बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और उन्हें अपनी जरूरतों और शिकायतों के बारे में आपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उनकी अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभा के आयोजन के बारे में जानकारी खासतौर पर उन इलाकों में व्यापक रूप से पहुंचाई जानी चाहिए जहां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य कमजोर तबकों के लोग रहते हैं। यदि उनकी शिकायतें अगली ग्राम सभा बैठक से पहले दूर हो जाती है तो ग्राम सभा में उनका विश्वास बढ़ता है और वे ग्राम सभा की बैठकों को नियमित भाग लेने में दिलचस्पी रखने लगते हैं।

 

ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी Participation of women in Gram Sabha

 

आमतौर पर ग्राम सभा में महिलाओं की उपस्थिति बहुत कम रहती है और यदि उनकी मौजूदगी होती भी है तो वे अपनी बात कहने और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को उठाने में अनुकूल माहौल के अभाव के कारण कठिनाई महसूस करती हैं। हालांकि राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों ने ग्राम स्तर पर समूह गठित किए हैं और बचत, ऋण आदि जैसे मुद्दों पर रुचि दिखाई है, लेकिन ग्राम सभा में शिरकत करने के मामले में वे अब भी अनिच्छुक हैं। ऐसी परिस्थिति में ग्राम पंचायत को उचित कदम उठाने चाहिए और महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ग्राम संगठनों के जरिए सक्रिय प्रचार एवं जागरुकता द्वारा ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। यह काम महिला वार्ड सदस्यों तथा अन्य सदस्यों की मदद से किया जा सकता है। महिला केंद्रित समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए और उन्हें सुलझाने के उपाय करने चाहिए। ग्राम सभा में निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं को शामिल करने के लिए महाराष्ट्र राज्य में ग्राम सभा की बैठकों से पहले अलग से महिला ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। इससे महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर उचित प्रस्ताव सुनिश्चित होता है।

 

ग्राम सभा के लिए आवश्यक कोरम Quorum required for Gram Sabha

 

ग्राम सभा की बैठकों का कोरम ग्राम पंचायत बैठकों के सदस्यों/मतदाताओं की संख्या का एक बटा दस होना चाहिए। यदि पहली बैठक कोरम पूरा करने की मंशा से स्थगित की जाती है तो बैठक किसी अगली तारीख को होगी और इसकी प्रक्रिया राज्य के कानूनी प्रावधानों के अनुसार चलेगी।

ग्राम सभा में चर्चा किए जाने वाले विषय

 

यद्यपि, ग्राम सभा ग्राम पंचायत से जुड़े किसी भी विषय पर चर्चा करने के लिए स्वतंत्र है, कुछ ऐसे मुद्दे होते हैं जिनपर अनिवार्य रूप से चर्चा की जानी चाहिए। ये मुद्दे निम्नलिखित हैं:

 

    ग्राम पंचायत का वार्षिक लेखा विवरण।

    पिछले वित्त वर्ष की रिपोर्ट। अंतिम लेखा परीक्षा नोट और ग्राम पंचायत का उत्तर, यदि कोई हो तो।

    अगले वित्त वर्ष के लिए ग्राम पंचायत का बजट।

    पिछले साल से संबंधित ग्राम पंचायत के विकास कार्यक्रमों के बारे में रिपोर्ट।

    वर्तमान वर्ष में क्रियान्वित किए जाने वाले विकास कार्यक्रम।

    विजिलेंस समिति की रिपोर्ट।

    वार्ड सभा की अनुशंसाएं।

    ग्राम सभा उन प्रस्तावों पर विचार कर सकती है जिसे यह वार्ड के लिए महत्वपूर्ण समझती है, बावजूद इसके कि वार्ड सभा ने इसे एजेंडे में शामिल न किया हो।

    योजना कार्यक्रमों के लिए कोष का उपयोग।

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