"संघर्षों के साये में ही भावी जीवन पलता है, जिधर जवानी चलती है इतिहास वहीं पर बनता है।" - jagoindiatv, Taja khabar, Latest News,today

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Wednesday, September 11, 2019

"संघर्षों के साये में ही भावी जीवन पलता है, जिधर जवानी चलती है इतिहास वहीं पर बनता है।"


                                   "संघर्षों के साये में ही भावी जीवन पलता है,
               जिधर जवानी चलती है इतिहास वहीं पर बनता है।"

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संभाग स्तरीय बैठक का आयोजन मंडला,मध्यप्रदेश में प्रस्तावित किया है।अतः मध्यप्रदेश के जबलपुर संभाग के समस्त राष्ट्रीय/प्रांतीय पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, ब्लाक पदाधिकारी,सक्रिय कार्यकर्ता,गोंडवाना आंदोलन के जांबाज युवा साथी दिनांक-30 अगस्त, दिन-शुक्रवार को मंडला (गोंडी पब्लिक ट्रस्ट) में समय-दोपहर 12बजे अनिवार्य रूप से पहुंचे।
बैठक का एजेंडा......
1-गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी,संभागीय कार्यकारिणी जिला कार्यकारिणी का गठन और विस्तार।
2-18 सितंबर को गोंडवाना के अमर शहीद महाराजा शंकर शाह मरावी कुंवर रघुनाथ शाह मरावी जी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम पर चर्चा।
3- मध्यप्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा की भूमिका।
दलित साहित्य में जो विलाप और क्रंदन भरा गया है वह अपना रंग दिखा रहा है, पूरी कौम के लिए इतिहास का नैरेटिव शोषण और अपमान का नैरेटिव बन चुका है। अब इतिहास का मतलब शोषण का इतिहास है।
 यह एक गहरी समस्या है। इस विलाप को पढ़ने या लिखने वाले और इसी में उलझे लोग भविष्य के निर्माण हेतु कितने जागरूक हैं?

दलित समाज मे एट्रोसिटी के साथ सफलता की कहानियां भी हैं, दलितों के अपने धर्म, संस्कृति और परम्पराओं की कहानियां भी हैं। ये कहानियां विधायक हैं और प्रेरक हैं।
लेकिन दुर्भाग्य से दलित साहित्यकार आत्मकथाओं के माध्यम से कहानियों के माध्यम से सिर्फ शोषण और रुदन को ही उभारते रहे हैं।
एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए इस तरह के साहित्य से किसे और क्या लाभ मिल सकता है?
इतनी भयानक बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के बीच भी भारत के युवाओं में न आक्रोश है न आंदोलन है। यह गजब की स्थिति है। राष्ट्रवाद की भांग और धर्म की चरस ने जो मदहोशी पैदा की है वह कम होने की बजाय बढ़ रही है। इस मदहोशी को पैदा करने वाले और इसकी आड़ में धर्म-प्राण राष्ट्र बनाने वालों को इतिहास में वह मौका मिला है जिसका इंतज़ार वे सैकड़ो साल से कर रहे थे।
विश्व का अमेरिका के बाद दूसरा चौधरी बनने का मंसूबा पाल बैठा चीन हांगकांग के 22 वर्षीय दो युवा नेताओं से बुरी तरह डर गया है।आज हांगकांग में चीन के नए चुनाव कानून और प्रत्यर्पण कानून के विरोध में ऐतिहासिक आंदोलन था,इससे पहले हांगकांग आज़ादी आंदोलन के नायक  22 साल के जोशुआ वोंग और उनके सहयोगी 22 साल के ही एग्नेस चाउ को गिरफ्तार कर लिया है।जोशुआ वोंग 2014 में चीन के प्रतिबंध के बाद नए चुनाव कानून को लेकर हांगकांग में येलो अंब्रेला प्रोटेस्ट शुरू किया था।जो 79 दिन तक चला था। लोग पीले बैंड और छाते लेकर आए थे। वोंग इस आंदोलन के नायक थे।चीन तभी से उनसे डरा हुआ है।वोंग को 2018 में  नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था।एग्नेस चाउ डेमोसिस्टो पार्टी  की सदस्य हैं,चीन ने 2018 में इनके चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया था। अंब्रेला आंदोलन से चर्चा में आई थीं। इसके अलावा 28 साल के एंडी चान जो कि नेशनलिस्ट पार्टी के संस्थापक हैं को भी चीन ने गिरफ्तार किया है।22 साल के जोशुआ वोंग के साथ पूरा हांगकांग खड़ा है।हांगकांग की आबादी 75 लाख के आसपास है,जिसमें से 17 लाख लोग सड़कों पर उतर जोशुआ को साथ दे चुके हैं।
भारत की स्थिति भी हांगकांग से ज्यादा अच्छी नहीं है।भूखे मरने की नौबत आन पड़ी है ।ठीक इसी समय इस देश के 22 साल के युवा क्या कर रहे हैं।वे व्हाट्सएप पर देश भर में सरकार प्रायोजित अफवाह फैला रहे हैं।फेसबुक पर सरकार विरोध में लिखने वालों को गाली दे रहे हैं।भीड़ में शामिल होकर एक धर्म विशेष की मॉब लिंचिंग कर रहे हैं।जिस देश में दिमाग से पैदल युवा हैं वह फिर गुलाम होकर रहेगा।और जिस देश में जोशुआ वोंग जैसे युवा हैं उसे कोई गुलाम रख नहीं सकता।हांगकांग के भगत सिंह को हमारा सलाम।
मूलनिवासी जन क्रांति संगठन का विस्तार युवा मोर्चा भंग करने के बाद किया गया है सभी युवा मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्य व संरक्षक महो0के अध्यक्षता में 22/08/2019कोसर्वसम्मति से (मूलनिवासी जनक्रांति संगठन पुष्पराजगढ़ )का विस्तार किया गया था किन्हीं किरणों बस रोका गया था।
     संगठन के नियम व शर्तें
1.  संगठन में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जावे/ और अनुशासित रहना ही संगठन है।
2. संगठन के बैठक के समय मोबाइल सभी सदस्यों का साइलेंट व बंद रहे है
3. बैठक में मदिरा पान का सेवन करके आना निषेध है
4. बैठक में प्रत्येक  सदस्य अपना विचार एक-एक कर रखें
5. संगठन के किसी भी कार्यक्रम के लिए प्रत्येक सदस्य की सहमति अनिवार्य है
6. संगठन का कोई भी  सदस्य स्वयं गलती करता है उसमें संगठन साथ नहीं देगा
7. बैठक के दिन समय का विशेष ध्यान रखें
8. कोई भी कार्यक्रम संगठन करता है उसका आय व्यय का लेखा जोखा कार्यक्रम के 1 दिन बाद तुरंत कर लिया जावे
मूलनिवासी जनक्रांति संगठन पुष्पराजगढ़ के पदाधिकारियों के नाम🙏🌹
संरक्षक
1. डा0टी0आर0 चौरसिया
2.  नेपाल सिंह परस्ते
3. सुनील परस्ते
4.  अशोक सिंह परस्ते
5.  महेश करियाम
 संयोजक
अध्यक्ष
ओंकार सिंह धुर्व   उपाध्यक्ष ,- सनत कुमार टेकाम
 कार्यवाहक अध्यक्ष- संतोष पेंद्रो
 सह कार्यवाहक अध्यक्ष -गोविंद धुर्वे
 सचिव ---भोला सिंह धुर्वे 
सह सचिव -----राजेश ओडाली
 कोषाध्यक्ष ---अजय सिंह उरेती
 संगठन मंत्री-- अमृत करियाम सह संगठन मंत्री-- डीलन सिंह/ उपेंद्र वटी
महामंत्री ---प्रीतम मरावी  /वीरेंद्र टेकाम
 प्रवक्ता
            प्रमोद मरावी
         बिरझू सिंह श्याम
        देवनंदन सिंह मरावी
मीडिया प्रभारी
        राम मनोहर मराव  ✌✌विधि सलाहकार✌✌
          टीपी बांधव
          प्रकाश धुर्वे
          बुद्धसेन धुर्वे  
  चैतू मरपाची  /वंशपाल टांडिया
 कार्यकारिणी सदस्य- दीपक वालरे/ संजय मरावी /दुर्गा सिंह उरेती / भूपेंद्र सिंह परस्ते नारायण सिंह परस्ते/राकेश रौतेल
 राजकुमार, कमलेश 
 निवेदक-  मूलनिवासी जनक्रांति संगठन पुष्पराजगढ़ संरक्षक महोदय व पदाधिकारी गणमूलनिवासी जन क्रांति संगठन का विस्तार युवा मोर्चा भंग करने के बाद किया गया है सभी युवा मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्य व संरक्षक महो0के अध्यक्षता में 22/08/2019कोसर्वसम्मति से (मूलनिवासी जनक्रांति संगठन पुष्पराजगढ़ )का विस्तार किया गया था किन्हीं किरणों बस रोका गया था।
     संगठन के नियम व शर्तें
1.  संगठन में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जावे/ और अनुशासित रहना ही संगठन है।
2. संगठन के बैठक के समय मोबाइल सभी सदस्यों का साइलेंट व बंद रहे है
3. बैठक में मदिरा पान का सेवन करके आना निषेध है
4. बैठक में प्रत्येक  सदस्य अपना विचार एक-एक कर रखें
5. संगठन के किसी भी कार्यक्रम के लिए प्रत्येक सदस्य की सहमति अनिवार्य है
6. संगठन का कोई भी  सदस्य स्वयं गलती करता है उसमें संगठन साथ नहीं देगा
7. बैठक के दिन समय का विशेष ध्यान रखें
8. कोई भी कार्यक्रम संगठन करता है उसका आय व्यय का लेखा जोखा कार्यक्रम के 1 दिन बाद तुरंत कर लिया जावे

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